नशा पीड़ितों के उपचार के लिए पुलिस व जिला प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट आस’ की शुरूआत की

नशे की बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों तक पहुंचना है उद्देश्य: डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू
– नशा बेचने वालों को नहीं मिलेगी रियायत, नशा छोड़ने वालों को मिलेगा मुफ्त इलाज: एसएसपी गुरमीत सिंह
– संत बाबा सोहन सिंह ने दिया संदेश: नशे से नाता तोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो

फाजिल्का, 19 जून 2025

मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध ‘ मुहिम के तहत आज फाजिल्का जिले में ‘प्रोजेक्ट आस’ की शुरुआत की गई। यह पहल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से नशा पीड़ितों को इलाज के लिए प्रेरित करके उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों तक लाने के उद्देश्य से की गई है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरमीत सिंह ने संयुक्त रूप से की।

इस आयोजन में संत बाबा प्रेम सिंह जी और संत बाबा सोहन सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने इस सामाजिक पहल में अपना पूर्ण सहयोग दिया।

इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य नशा पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक ओर नशे की सप्लाई चेन को तोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर यह कार्यक्रम नशा छोड़ना चाहने वाले लोगों को डर और भ्रम से मुक्त कर इलाज के लिए प्रेरित करेगा। यह कार्यक्रम उन नौजवानों और उनके माता-पिता के लिए आशा की किरण बनेगा जो किसी कारणवश इस दलदल में फंस चुके हैं और अब बाहर निकलना चाहते हैं।

एसएसपी गुरमीत सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी, लेकिन जो व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है, वह बिना किसी डर के आगे आए—पुलिस उसकी कोई पूछताछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है और इस आशा के साथ यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि आज से सभी उपमंडलों में आउटरीच जागरूकता कैंप शेड्यूल अनुसार लगाए जाएंगे।

संत बाबा सोहन सिंह ने पुलिस और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नशा एक इलाज योग्य समस्या है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे से नाता तोड़ें और डॉक्टर की सलाह से इलाज करवा कर जीवन से जुड़ें। अपने प्रेरणात्मक शब्दों से उन्होंने लोगों को इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया।

इस मौके पर डॉ. एरिक ने नशा पीड़ितों के इलाज की प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। एसपी डी मुख्तियार राय और डीएसपी जतिंदर सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में नशा विरोधी शपथ भी दिलवाई गई। एसएचओ अंग्रेज सिंह भी उपस्थित रहे।

प्रस्तावित बॉक्स:
42 लोगों ने मौके पर करवाया पंजीकरण
एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि आज के इस भव्य कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम से प्रेरित होकर 42 लोगों ने नशा छोड़ने की इच्छा जताई और स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास मौके पर पंजीकरण करवाया। इनमें से 38 का इलाज ओट क्लीनिक में तथा 4 व्यक्तियों का इलाज नशा मुक्ति केंद्र में सोमवार से आरंभ किया जाएगा।