कोरोना को काबू करने में बुरी तरह से फेल साबित हुई है अमरिन्दर सिंह सरकार – हरपाल सिंह चीमा

कोरोना पर अब तक हुए सभी खर्चों के संदर्भ में वाइट पेपर जारी करने की उठाई मांग
कहा, खुद वैंटीलेटरों पर हैं कोरोना केयर सैंटर
लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों पर विपक्ष ने घेरी सरकार

संगरूर, 7 अगस्त 2020
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता व नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामले को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि 4 माही में कोरोना महामारी को काबू करने में अमरिन्दर सिंह सरकार बुरी तरह से फ्लाप सिद्ध हुई है।
शुक्रवार को संगरूर में मीडिया के रूबरू होते हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि लगातार दूसरे दिन 1,000 से ज्यादा नए कोरोना पाजेटिव मामलों का आना जहां बड़े खतरे का संकेत हैं, वहीं पंजाब सरकार का कोरोना को लेकर किए प्रबंधों की भी बुरी तरह से पोल खुल रही है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ‘राजा साहिब’ (मुख्य मंत्री) 300 करोड़ रुपए से अधिक राशि कोरोना महामारी को काबू करने पर खर्च किए जाने के दावे कर रहे हैं, परंतु खर्च किए कहां हैं? पंजाब के लोग इन भारी भरकम खर्च का हिसाब मांगते हैं। इस लिए कोरोना के लिए अब तक लोगों की तरफ से दान की कुल राशि और सरकार की तरफ से कुल और कहां कितना-कितना पैसा खर्च किया गया है, इस के संदर्भ में तुरंत वाइट पेपर जारी किया जाए।’’
हरपाल सिंह चीमा ने पटियाला के सरकारी अस्पताल में एक कोरोना पीडित मरीज की मृतक देह 11 घंटे फर्श पर पड़े रहना, लुधियाना में एक कोरोना पीडि़त कारोबारी की बैड की खोज के दौरान ही मौत हो जाना, तरनतारन में कोरोना पीडित मरीज की तरफ से खटारा एंबुलेंस में चढऩे से इन्कार कर देना और बठिंडा, बरनाला आदि शहरों में कोरोना केयर सैंटरों की बेहद तरस योग्य हालत होना सरकार के प्रबंधों और दावों की फूंक निकालते हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार अगर गंभीर होती तो कम से कम दिल्ली की केजरीवाल की ओर से कोरोना के विरुद्ध उठाए कदमों से सबक ले लेती।
चीमा ने कहा कि पुलिस फोर्स के 450 से अधिक जवानों के पाजेटिव आने के बावजूद पंजाब सरकार डीजीपी की तरफ से पुलिस फोर्स के बड़े स्तर पर टैस्ट करवाने से भागना बेहद गैर-जिम्मेवारना और दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। चीमा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने देश में सबसे अधिक (प्रति 10 लाख) टैस्ट करवाने समेत 10 बड़े कदम उठा कर पूरे देश को कामयाब मॉडल दिया है। दिल्ली में बड़े स्तर पर वेंटिलेटर और बैडों (सभी सुविधाओं से लैस) का प्रबंध करने के साथ-साथ मरीजों को होम आइसोलेशन सुविधा और औक्सीमीटर तक मुहैया किए गए हैं, परंतु पंजाब में कोरोना केयर सैंटर खुद वेंटिलेटर पर हैं और अस्पतालों में मरीज बुखार की गोलियां और मासक को भी तरस रहे हैं।
इस मौके उनके साथ जिला अध्यक्ष राजवंत सिंह घुल्ली, तपिन्दर सिंह सोही, अमरदीप धांदरा, मनिन्दर सिंह दिड़बा आदि नेता उपस्थित थे।