शिरोमणी अकाली दल द्वारा राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने के बाद सभी सिख बंदियों की रिहाई सुनिश्चित करने में व्यक्तिगत रूचि लेने की अपील

कोर कमेटी ने सुश्री मुर्मू को सिख समुदाय की भावनाओं से अवगत कराने के लिए पत्र लिखने का निर्णय लिया

 

चंडीगढ़/13जुलाई: शिरोमणी अकाली दल ने आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू से अपनी सजा पूरी होने के बाद भी  जेलों में बंद सभी सिख कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने में व्यक्तिगत रूचि लें और साथ ही उच्च पद  के लिए चुने जाने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय में भाई बलवंत सिंह राजोआणा  के लिए लंबित क्षमादान याचिका पर विचार करने की अपील की है।

 

इस संबंध में अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता वाली पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग में हुए फैसले के बाद यह अपील की गई।

 

अकाली दल ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार को लिखे एक पत्र में विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री मुर्मू, जो अल्पसंख्यक शोषित और पिछड़े वर्गों के हितों का प्रतिनिधित्व करती हैं, सिख समुदाय के लंबित मुददों विशेष रूप से सिख बंदियों की रिहाई में मदद करेंगी।

 

अपील में दावा किया गया कि आजीवन कारावास की सजा पूरी होने के बाद भी सिख बंदियों को लगातार जेल में रखना दुनिया भर के सिखों के लिए गंभीर चिंता का कारण है, और उन्हे उम्मीद है कि वह समुदाय की संतुष्टि के लिए इस मुददे को हल करेंगीं।

 

इस पत्र में अन्य जानकारी देते हुए कहा गया है कि सबसे महत्वपूर्ण भाई बलवंत सिंह राजोआणा का मामला है, जो पिछले 28 सालों से जेल में बंद हैं। इसमें कहा गया है कि भाई राजोआणा की मौत की सजा को केंद्र सरकार ने 2019 में श्री गुरु नानक देव जी की 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आजीवन कारावास में बदल दिया था। इसमें कहा गया है कि इसके अलावा भाई राजोआणा के संबंध में एक क्षमादान याचिका भी 2012 से राष्ट्रपति कार्यालय में लंबित पड़ी है।

 

इसमें यह भी बताया गया है कि कैसे केंद्र सरकार ने गुरु साहिब के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर उम्रकैद की सजा काट रहे आठ अन्य सिख बंदियों को रिहा करने का फैसला किया था, लेकिन यह अब तक लंबित है। इसमें कहा गया है कि रिहाई के कारण प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर ,जिनकी रिहाई की फाइल पिछले आठ महीनों से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हस्ताक्षर का इंतजार कर रही है , दिल्ली सरकार के पास लंबित है। इसमें कहा गया है कि रिहाई का इंतजार कर रहे अन्य बंदियों में जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भिओरा, जगतार सिंह तारा, लखविंदर सिंह लक्खा , गुरमीत सिंह शमशेर सिंह शामिल हैं, ये सभी 1195 से जेल में बंद हैं। एक अन्य बंदी गुरदीप सिंह खैरा 1990 (32 साल) से सेंट्रल जेल अमृतसर में बंद हैं।

 

यह विश्वास व्यक्त करते हुए सुश्री मुर्मू  समाज के कमजोर और पीड़ित वर्गों का प्रतिनिधि के रूप में सिख समुदाय के दर्द को समझेंगीं और उचित कार्रवाई करेंगीं।  पत्र में कहा गया है कि अकाली दल हमेशा गुरु साहिबान द्वारा मानवता के सिंद्धांतों पर दृढ़ रहा है और इन आदर्शों ने ही पार्टी को उनकी उम्मीदवारी

 

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