मुख्यमंत्री और डीजीपी बताएं कि वे सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ सबूत गढ़ने की कोशिश क्यों कर रहे: शिरोमणी अकाली दल

Bikram Singh Majithia
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਤੇ ਡੀ ਜੀ ਪੀ ਦੱਸਣ ਕਿ ਉਹ ਬਿਕਰਮ ਸਿੰਘ ਮਜੀਠੀਆ ਖਿਲਾਫ ਝੂਠੇ ਸਬੂਤ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਪੱਬਾਂ ਭਾਰ ਕਿਉਂ ਹਨ: ਅਕਾਲੀ ਦਲ
कहा कि आप सरकार ने पूर्व अकाली नेता उपकार सिंह संधू को मामले में झूठी गवाही देने के लिए उकसाने की कोशिश की: सरदार अर्शदीप सिंह कलेर

चंडीगढ़ 29 दिसंबर 2023

शिरोमणी अकाली दल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य पुलिस प्रमुख गौरव यादव से यह बताने को कहा कि वे पूर्व अकाली नेता उपकार सिंह संधू को उकसाकर वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एक मामले में गवाह बनने और यहां तक कि झूठी गवाही देकर सबूत गढ़ने की  कोशिश क्यों कर रहे हैं?

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के कानूनी विंग के अध्यक्ष सरदार अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि उपकार संधू को पहले मामले में गवाह के रूप में बुलाया गया और जब उन्होने दो साल पहले सरदार मजीठिया के खिलाफ झूठे ड्रग्ज मामले की जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया तो उनसे झूठी गवाही पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। ‘‘एक वकील-सर्बजीत वेरका ने श्री उपकार संधू से मिलकर उनसे सरदार बिक्रम मजीठिया को फंसाने के मकसद से एक गवाही पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया’’।

इसके बाद में अन्य जानकारी देते हुए सरदार कलेर ने कहा कि श्री उपकार संधू को अपने हस्ताक्षर करने के लिए दिया गया टाइप किया हुआ बयान 26 दिसंबर को डीजीपी गौरव यादव को सौंपा गया था। उन्होने कहा, ‘‘ हमने डीजीपी से यह बताने के लिए कहा कि सरकार ने श्री संधू को मनगढ़ंत बयान से गवाह के रूप में शामिल करने की कोशिश क्यों की’’। उन्होने कहा कि इससे पता लगता है कि एसआइटी की पहले से ही मिलीभगत है।

सरदार कलेर ने बताया कि इस मामले में सरकार की मंशा सरदार मजीठिया को डराने-धमकाने और उन्हे चुप कराने की थी। उन्होने कहा,‘‘ सरदार मजीठिया को मुख्यमंत्री की बेटी ने अपने पिता पर क्रूर कृत्यों में शामिल होने का आरोप लगाया था उनके समर्थन में सामने आने के तुरंत बाद उन्हे एसआईटी ने जांच के लिए बुलाया था । ‘‘इससे पहले एसआईटी ने उन्हे एक बार भी नही बुलाया था, जबकि इसकी जांच पांच महीने पहले कर दी गई थी’’। उन्होने कहा कि एसआईटी प्रमुख-एडीजीपी एम.एस छीना को भी आप सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है, क्योंकि 2022 में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध  के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित है और उन्हे 31 दिसंबर को उनकी सेवानिवृत्ति की पूर्व संध्या पर सरदार मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

आम आदमी  पार्टी सरकार के नापाक मंसूबों को सामने लाने और पर्दाफाश करने के लिए श्री संधू की सराहना करते हुए अकाली नेता ने कहा,‘‘ यह स्पष्ट है कि सरकार मामले में कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नही करना चाहती है’’। उन्होने यह भी खुलासा किया कि संधू ने आप सरकार को बेनकाब करने के लिए राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर दिया था।

यह कहते हुए कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा अपने विरोधियों को चुप कराने के साथ साथ राज्य के असली मुददों से ध्यान भटकाने के लिए शुरू की गई ‘‘समन राजनीति’’ कभी सफल नही होगी। सरदार कलेर ने कहा, ‘‘ अकाली दल , आप सरकार से मुकाबला करना और मुख्यमंत्री के कुकर्मों को उजागर  करना जारी रखेगा’’। उन्होने कहा कि सरकार पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल और अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी में लगी हुई है, लेकिन वह अकाली दल को पंजाबियों की भलाई के लिए लड़ने से नही रोक सकती है।

सरदार कलेर ने कहा कि कैसे सरदार मजीठिया को राजनीतिक बदलाखोरी का शिकार बनाया था- जब पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने के लिए एक अस्थायी डीजीपी-एस चटटोपध्याय का इस्तेमाल किया गया और अब आप सरकार द्वारा उनके खिलाफ झूठे सबूत गढ़ने की कोशिश की जा रही है।