कहा कि करेंसी नोटों पर केजरीवाल का बयान देश में साम्प्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ सकता: सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया
कहा कि यह बयान देश की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति के खिलाफ और केजरीवाल द्वारा गुजरात और एच.पी में चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए धार्मिक भावनाओं का शोषण करना गैरकानूनी
चंडीगढ़/27अक्टूबर: शिरोमणी अकाली दल ने आज आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से नोटों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें छापने की अपमानजनक मांग के साथ भारतीय राजनीति को साम्प्रदायिक रंग देने से तत्काल परहेज करना चाहिए, क्योंकि इस तरह के गैरजिम्मेदारानां बयानों से देश में साम्प्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ सकता है।
यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि एक आईआईटी स्नातक सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इतना नीचे गिर गया है। उन्होने कहा, इसमें कोई संदेह नही है कि कोई भी शिक्षित व्यक्ति जानता है कि मुद्रा नोटों पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र छापने की भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधार से कोई संबंध नही है, लेकिन केजरीवाल का इस तरह का बयान यह दर्शाता है कि वह केवल तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए देश के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करने के लिए तैयार हैं। उन्होने कहा कि देवी-देवताओं के चित्रों की पूजा की जाती है और पवित्र स्थानों पर रखा जाता है। मांस की दुकानों और शराब की दुकानों में इनके उपयोग के कारण भयावह अशांति फैल सकती है। उन्होने कहा कि तस्वीरों की बेअदबी भी की जा सकती है, जोकि चिंता का विषय है’’।
सरदार मजीठिया ने केजरीवाल के बयान को देश की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत एक बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, और देश का संविधान सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करता है। ऐसे में किसी को भी धर्म के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश नही करनी चाहिए । उन्होने कहा कि यह पूरी तरह से अवैध है , क्योंकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के साथ प्रतिस्पर्धा के कारण इस तरह का बयान दिया गया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यह ‘बदलाव ’ नही है, जिसका वादा आप पार्टी ने देश के लोगों और पंजाबियों से किया था। उन्होने कहा,‘‘ यह स्पष्ट है कि आप पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल का इरादा लोगों से किए गए किसी भी वादे को पूरा करने का नही है। हमने पंजाब में देखा है कि जहां किसानों, कर्मचारियों और युवाओं को चांद देने का वादा किया गया था , लेकिन कुछ भी नही दिया गया है। यह भी एक तथ्य है कि दिल्ली मॉडल सहित आप पार्टी के सभी कथित मॉडलों को स्वंतत्र सर्वेक्षणों द्वारा टूकड़े-टूकड़े कर दिया गया और यही कारण है कि केजरीवाल ने अब लोगों की धार्मिक भावनाओं का शोषण करने के लिए धर्म का रूख किया है।
सरदार मजीठिया ने आप पार्टी के संयोजक को सलाह दी कि वह जो उपदेश देते हैं, उसका पालन करने की कोशिश करें। उन्होने कहा, ‘‘ श्री केजरीवाल , नोटों पर देवी-देवताओं की तस्वीरों लगाने का बयान देकर खुद को एक धर्मनिष्ठ हिंदू के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने चुने हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की शराब के नशे में धुत हरकतों से कोई परहेज नही है। उन्होने कहा कि यह बेहतर होगा कि केजरीवाल सही मायनों में सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी लाएं और पंजाब के अपने मंत्रियों और विधायकों को उनकी चूक के लिए सामाजिक और नैतिक रूप से जवाबदेह बनाएं, जिसमें भ्रष्टाचार और यहां तक कि नैतिक पतन भी शामिल है’’।

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