शिरोमणी अकाली दल द्वारा  कैबिनेट सहयोगी राणा गुरजीत सिंह द्वारा गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ नकद हस्तांतरण के आरोप की स्वंतत्र जांच की मांग

MAJITHA
ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਪੈਸੇ ਲੈ ਕੇ ਬਦਲੀਆਂ ਕਰਨ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਰਾਣਾ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਏ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਹੋਵੇ : ਅਕਾਲੀ ਦਲ


कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण कि मामले की जांच का आदेश देने के बजाय मुख्यमंत्री चन्नी घोटाले को दबाने की कोशिश कर रहे: सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया

कहा कि कांग्रेस सरकार रिश्वत लेकर सीमाओं पर पुलिस अधिकारियों को तैनात कर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही

चंडीगढ़/10दिसंबर 2021

 शिरोमणी अकाली दल ने आज कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह द्वारा गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ लगाए गए तबादलों के आरोपों की स्वंतत्र जांच की मांग की है, तथा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से यह बताने के लिए कहा कि वह इस आपराधिक कृत्य को दबाने की कोशिश क्यों कर रहे है।

और पढ़ें :-देश भगत यूनिवर्सिटी द्वारा डॉ. राज कुमार वेरका को डॉक्टरेट डिग्री (आनरेरी) देने का फैसला

पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा,‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने गृहमंत्री पर पुलिस अधिकारियों से रिश्वत लेने का आरोप लगाया ,ताकि उन्हे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और यहां तक कि उप-अधीक्षक के रूप में बेशकीमती पोस्टिंग दी जा सके। आरोप है कि सुखजिंदर रंधावा ने एस.एस.पीस् की पोस्टिंग के लिए दो करोड़ रूपये तक लिए हैं। पुलिस आयुक्तों की तैनाती के मामले में पहले भी यही आरोप लगाए गए थे, अब इस  पूरे रैकेट को सबसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों में से एक ने पर्दाफाश कर दिया है’’।

स. मजीठिया ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि पूरे मामले की जांच का आदेश देने के बजाय मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग में मौजूद अधिकारियों को कमरा छोड़ने के लिए कहा और यहां तक कि मीटिंग कक्ष के दरवाजे बंद करने का भी आदेश दिया। ‘‘ बाद में मुख्यमंत्री ने इस मामले को शांत करने के लिए एक डिनर पार्टी का आयोजन किया जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के कृत्यों को दफनाने के लिए एक सौदा किया गया है’’।

यह कहते हुए कि कांग्रेस सरकार न केवल तबादलों के घोटाले में लिप्त होकर न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है कहते हुए स. मजीठिया ने कहा, ‘‘ यह सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होने कहा कि  पंजाब पुलिस सीमा पर सुरक्षा की दूसरी पंक्ति है और अगर इन्होने रिश्वत लेने के बाद संवेदनशील चौंकियों पर अधिकारियों की तैनाती शुरू कर  दी तो पूरे देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया जाएगा। उन्होने कहा कि यह निंदनीय है कि एक तरफ सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संख्या बढ़ाकर सीमा को मजबूत करने की मांग कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ सीमा पर तैनाती के लिए पैसे ले रही है।

स. मजीठिया ने बताया कि कैसे गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा , जिन्होने पहले गैंगस्टरों को जेलमंत्री के रूप में सरंक्षण किया था, ने पुलिस बल का पूरी तरह से राजनीतिकरण किया था। ‘‘ मुख्यमंत्री रजिया सुलताना से पूछा कि क्या उनके कहने पर उनके जिले में एस.एस.पी तैनात किया गया है, और उन्होने सकारात्मक रूप से साबित करते हुए यह जवाब दिया कि वर्तमान शासन में प्रतिभा पर विराम लगा दिया गया है’’।

स. मजीठिया ने पूछने पर यह भी बताया कि राज्य पुलिस को एक खुफिया सूचना मिली थी कि उन्हे गृहमंत्री द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, जिन्होने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। ‘‘ इस तथ्य के बावजूद कि मेरे आवास की रेकी करने वाले व्यक्तियों से एक पिस्तौल, टिफिन बम और एक हथगोले के साथ पकड़े गए और एक केटीएफ मॉडयूल से जोड़ा गया’’।

इस बीच स. मजीठिया ने कहा कि भाई-भतीजावाद ने इतनी ऊंचाइयों पर पहुंच गया है कि अमृतसर और तरनतारन जिलों में जहरीली शराब की घटना में 120 लोगों के मारे जाने के बाद बदले गए सभी 120 पुलिस अधिकारी पैसे देने के बाद अपने पुराने पदों पर वापिस आ गए  हैं। उन्होने कहा कि इसी तरह राजपुरा में ईएनए बेचने के आरोपी , एएसआई सर्बजीत सिंह को दोबारा राजपुरा में तैनात किया गया है।

अकाली नेता ने कहा कि एक  ऐसे गृहमंत्री के  पास पंजाबी सुरक्षित नही हैं, जो जग्गू भगवानपुरयिा और लॉरेंस बिश्नोई सहित गैंगस्टरों को सरंक्षण देने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा कुख्यात डॉन मुख्तार असंारी को उनके जेलमंत्री के कार्यकाल के दौरान वीआईपी दर्जा दिया गया था। उन्होने कहा कि इस मुददे की सीबीआई यां एनआईए द्वारा जांच की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि एक स्वतंत्र जांच से पता चलेगा कि यह रंधावा ही थे जिन्होने पंजाब जेनको के अध्यक्ष के रूप में जस्टिस नेता अवतार सिंह पन्नू के भाई की नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी।