शिरोमणी अकाली दल ने 328 ‘स्वरूप’ मामले में गठित नई एस.आई.टी को खारिज करते हुए कहा कि इसका मकसद अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाना है

चंडीगढ़, 26 फरवरी 2026

शिरोमणी अकाली दल ने आज आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों की जांच के लिए पुनगर्ठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को खारिज करते हुए कहा है इस नई टीम का गठन केवल इसीलिए किया गया क्योंकि पुरानी एसआईटी ने अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल को इस मामले में फंसाने के गैरकानूनी आदेशों का पालन करने से इंकार कर दिया था।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता स. महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और स. परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार इस मामले में घटिया राजनीति कर रही है और ‘‘ इस एसआईटी को गठित करने का मकसद भी वही है, लापता ‘स्वरूपों’ का बहाना बनाकर अकाली दल अध्यक्ष को निशाना बनाना है।

नेताओं ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईटी में उन अधिकारियों को क्यों शामिल किया गया है जो पहले से ही संदेह के घेरे में हैं, उनमें से एक एसआईटी अध्यक्ष नानक सिंह भी शामिल हैंख् जिनकी एक सेना अधिकारी पर पुलिस हमले में भूमिका के लिए जांच की जा रही है और गुरबंस सिंह बैंस जैसे वे लोग शामिल हैं जिनका अकाली दल सरकार के खिलाफ व्यक्तिगत द्धेष है।

सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और परमबंस सिंह रोमाणा ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के उस निर्देश की अवहेलना की है जिसमें एसआईटी में केवल ‘अमृतधारी’ अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए कहा गया था क्योंकि उन्होने मामले की जांच करते समय जरूरी ‘मर्यादा’ का सुनिश्चित रूप पालन  करना था।

वरिष्ठ नेताओं ने एसआईटी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे आम आदमी पार्टी लीडरशीप के इशारे पर कोई भी गलत काम न  करें। उन्होने कहा कि पूरा सिख समुदाय देख रहा है कि आप सरकार लापता ‘स्वरूपों की जांच किस तरह से कर रही है। उन्होने कहा,‘‘संगत समझती है कि ‘स्वरूप’ लापता नही हैं, और उन सभी को ‘गुरुघरों ’ में भेजा गया है और यह मामला केवल हिसाब-किताब का है।। उन्होने कहा कि यदि एसआईटी अधिकारी जांच का बहाना बनाकर अकाली दल लीडरशीप के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि कानून के सामने हर कोई समान है।’’