मुख्यमंत्री को अपमानजनक भाषणों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा: शिरोमणी अकाली दल

चंडीगढ़, 18नवंबर:
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके अपमानजनक भाषणों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा और किसी भी तरह की कोशिश उन्हे पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के लिए आपराधिक मुकदमें का सामना करने से बचा नही पाएगी। 
 
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता सरदार अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा, ‘‘ यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री बौखला गए हैं । यही कारण है कि वह झूठी शेखी बघारने के लिए घटिया भाषा और टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं, वह जितनी कोशिश कर लें , उन्हे यह समझ लेना चाहिए कि उनके बाॅस अरविंद केजरीवाल को पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगनी पड़ी थी और अब उनका भी वही हश्र होगा’’।
 
सरदार अर्शदीप सिंह कलेर ने मुख्यमंत्री की बठिंडा की सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल , जो तीन बार सांसद और दो बार कैबिनेट मंत्री थी, सहित वरिष्ठ अकाली नेताओं के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियों बंद करने की भी सलाह दी है। उन्होने कहा, ‘‘ अपने राजनीतिक विरोधियों का उपहास करने की कोशिश करने के बजाय, मुख्यमंत्री को अपने  कार्यों पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए ,क्योंकि उन्होने अपनी मां और पत्नी की सुरक्षा के लिए तीन बटालियन को डयूटी सौंपी हुई है’’। उन्होने कहा जिस तरह से मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश और अन्य चुनाव वाले राज्यों के अपने बार-बार दौरे को उचित ठहराने की कोशिश की वह बेहद गलत है। उन्होने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री के किसी अन्य राज्य का दौरा करने पर किसी को कोई आपत्ति नही है। हम उस तरीके पर आपत्ति जता रहे है, जिस तरह से पंजाब के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए टूर आॅपरेटर बन गए हैं और  श्री केजरीवाल के चुनावी दौरे  के कार्यक्रमों के लिए पंजाब के खजाने के पैसे का उपयोग कर रहे हैं’’।
 
अकाली दल के प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से यह बताने को भी कहा कि उन्होने अपने मंत्रालय में हीरों और अपने विधायकों जो भ्रष्टाचार के साथ साथ नैतिक अधमता के कृत्यों में लिप्त पाए गए उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की है। उन्होने कहा, ‘‘  हर किसी ने देखा है कि कैसे डाॅ. विजय सिंगला और फौजा सिंह सरारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दबा दिए गए हैं, जबकि मंत्री लाल चंद कटारूचक और विधायक गोल्डी कंबोज द्वारा किए गए नैतिक अधमता के कृत्यों में कोई कार्रवाई नही की गई है’’। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी तक कैबिनेट मंत्री के वीडियो पर प्रतिक्रिया नही दी है, जिसपर एक असहाय पीड़िता के शोषण का आरोप लगाया गया था , जबकि श्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंत्री के नाम का खुलासा करने और उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होने कहा, ‘‘ यह सब दर्शाता है कि मुख्यमंत्री नापाक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं, जबकि वह कटटर इमानदार सरकार चलाने का दावा करते हैं’’।
 
सरदार कलेर ने मुख्यमंत्री से अकाली दल अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि के कृत्यों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहते हुए कहा कि कोई भी झूठी शेखी उन्हे नही बचाएगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर को पीएयू, लुधियाना में ‘‘ वन मैन डिबेट’’ के दौरान कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल हरियाणा के चैधरी देवीलाल के साथ समझौता किया था , जिसके तहत एक  1998 में बादल परिवार के बालासर फार्म को पानी देने के लिए एक निजी नहर का निर्माण किया गया था। उन्होने कहा कि यह सरासर गलत है तथा ‘‘श्री मान को पता होना चाहिए कि बालासर नहर 1955 की बीएमएल सिंचाई प्रणाल का हिस्सा है’’। उन्होने कहा कि इसी तरह बादल परिवार के कारोबार के बारे में गलत आरोप लगाए गए और कारोबार को अवैध बताने की कोशिश की गई।  उन्होने कहा, ‘‘ सच्चाई से परे कुछ भी नही हो सकता क्योंकि  सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार की एक पाॅलिसी को रदद कर दिया, जिसने पहले बस परमिट में विस्तार की अनुमति दी थी , जिसके तहत निजी के साथ साथ निजी तथा सरकारी बस कंपनियों के परमिट रदद कर दिए गए थे’’।