कहा कि पंथक जत्थेबंदियां श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब की तख्त की अपील को माने
चंडीगढ़/03जून:शिरोमणी अकाली दल ने आज श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा सभी पंथक दलों को एकजुट होकर बंदी सिंह के परिवारों से संगरूर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव के लिए एक आम उम्मीदवार को मैदान में उतारने के संदेश का स्वागत किया है।
पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में हुई शिअद कोर कमेटी ने श्री अकाल तख्त जत्थेदार के बयान का स्वागत करते हुए कहा है कि पार्टी अभी भी पंथक एकता के लिए प्रयासरत है। कोर कमेटी ने सभी जत्थेबंदियों से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा उपचुनाव के लिए एक आम उम्मीदवार को मैदान में उतारन की अपील को मानने का आग्रह किया है।
कोर कमेटी ने राज्य में व्यापक अराजकता की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि आप पार्टी की सरकार इस हद तक कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है कि कोई भी सुरक्षित नही है। ‘‘ नागरिक समाज गैंगस्टरों के डर में जी रहा है, यहां तक कि जबरन वसूली , हत्याएं , डकैती और टॉरगेट कीलिंग हर रोज हो रही हैं’’।
कमेटी को जानकारी देते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर सिद्धू मूसेवाला सहित प्रमुख व्यक्तियों से सुरक्षा वापिस लेने के मामले पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कमेटी को बताया कि पार्टी ने श्री भगवंत मान को गृहमंत्री पद से हटाने के अलावा इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
कोर कमेटी इस बारे में एकमत है कि श्री भगवंत मान को पंजाबियों के जीवन को सुरक्षा को सुरक्षित करने में विफल रहने के बाद श्री भगवंत मान को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। इसने मूसेवाला की निर्मम हत्या पर भी दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
कोर कमेटी ने श्री गुरु अर्जुन देव जी द्वारा उनके शहीदी दिवस पर मानव जाति के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की भी सराहना की। इसने पंथ को अन्याय तथा अत्याचार के खिलाफ डटकर लड़ने का हौंसला देने के लिए अरदास की जैसा कि हमारे महान गुरु साहिबान ने दिखाया था।
कोर कमेटी मीटिंग सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई जिसमें स. रंजीत सिंह ब्रहमपुरा, स. बलविंदर सिंह भूंदड़, एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, स. सिकंदर सिंह मलूका, स. गुलजार सिंह रणीके , स. जगमीत सिंह बराड़, स. जनमेजा सिंह सेखों, स. शरनजीत सिंह ढ़िल्लों, स. बलदेव सिंह मान, जत्थेदार हीरा सिंह गाबडिया, , स. विरसा सिंह वल्टोहा, इकबाल सिंह झूंदा और हरचरन बैंस भी शामिल थे।

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