
सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी की सरकार को अल्टीमेटम जारी किया कि वह मंडियों में पहंचने वाले मूंग को एम.एस.पी पर खरीदे और किसानों को 10 जुलाई तक निजी कंपनियों को कम दाम में फसल बेचने में हुए नुकसान की भरपाई करे
कहा कि अगर मुख्यमंत्री एम.एस.पी पर पूरी मूंग की फसल उठाने का वादा पूरा नही करते हैं तो अकाली दल किसानों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन करेगा
चंडीगढ़/02जुलाई: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज आम आदमी पार्टी सरकार को राज्य की मंडियों में आने वाली ‘मूंग ’ की फसल को वादे अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने तथा साथ ही 10 जुलाई तक निजी कंपनियों को कम दाम में फसल बेचने के लिए किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने का अल्टीमेटम जारी किया है।
सरदार सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री को किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए कहते हुए कहा कि ‘‘ हम राज्य एजेंसियों को एम.एस.पी के अनुसार राज्य की मंडियों में आने वाली मूंग की फसल को खरीदने के लिए स्पष्ट निर्देश चाहते हैं। हम यह भी चाहते हैं कि सरकार किसानों को अपनी उपज निजी कंपनियों को बेचने में हुए नुकसान की भरपाई करे। यह काम भावांतर योजना के जरिए किया जा सकता है, जिसे हरियाणा और मध्यप्रदेश द्वारा लागू किया जा रहा है। यदि सरकार ऐसा नही करती है तो अकाली दल राज्य के किसानों को न्याय दिलाने के लिए एक आंदोलन शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि पार्टी की कोर कमेटी की कल मीटिंग में इस आशय का फैसला लिया गया।
यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने किसानों को हुई परेशानी के साथ साथ वित्तीय नुकसान के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ‘‘ मुख्यमंत्री ने मूंग की फसल को एमएसपी 7,275 रूपये प्रति क्विंटल पर खरीदने के अपने वादे से मुकर कर किसान समुदाय के साथ विश्वासघात किया है । राज्य सरकार ने मालवा क्षेत्र की मंडियों में मूंग आने के बावजूद राज्य मंडियों में आने वाली फसल का दस फीसदी से भी कम हिस्सा खरीदा है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि
1.35 लाख रूपये क्विंटल मूंग की कुल आवक के मुकाबले राज्य एजेंसियों ने केवल 13,800 क्विंटल की खरीद की है, जबकि शेष 1.20 लाख क्विंटल निजी कपंनियों द्वारा 7,275 रूपये के एमएसपी की तुलना में 5,000 रूपये से 6,000 रूपये प्रति क्विंटल के बीच की कीमतों पर खरीदा गया है। ‘‘ इससे न केवल उन किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिन्होने मुख्यमंत्री के कहने पर इस साल मूंग के रकबे में 55000 एकड़ को बढ़ा दिया , बल्कि किसानों को भूजन की कमी को बचाने के लिए धान की बाद की किस्मों को बोने के लिए प्रोत्साहित करने की राज्य की योजना को भी विफल कर दिया है’’।
यह बताते कि कि मंडियों में किसानों को परेशान किया जा रहा है, सरदार बादल ने कहा जगराओं में किसानों के साथ बातचीत के दौरान उन्हे पता चला कि उन्हे अपनी जमीन की ‘फर्द’ बनाने के लिए कहा गया था, उन्हे बताया गया था कि उन्हे तीन किस्तों में भुगतान कर दिया जाएगा, और अंतिम किस्त जारी की जाएगी, जबकि कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) ने सब्मिट किया कि उन्होने अपने खेतों में धान की देर से बुवाई की थी। उन्होने कहा कि इसके अलावा नमी, रंगहीन और साफ सफाई की कई शर्ते लगाई जा रही हैं इस तथ्य के बावजूद कि सरकार ने मंडियों में सफाई की सुविधा तक प्रदान नही की है। उन्होने कहा कि इस सबके कारण किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं, और जगराओं में पहुंचने वाले एक लाख क्विंटल मूंग में से केवल 2400 क्विंटल की खरीद की जा रही है।
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के लिए किसान समुदाय से माफी मांगनी चाहिए जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया था, जिन्होने पूर्ण कर्जा माफी का वादा किया था, लेकिन योजना के मकसद को विफल करने के लिए कई शर्ते रखी थी। उन्होने कहा कि श्री भगवंत मान ने उसी तरह किसानों को धोखा दिया और करोड़ों विज्ञापनों के माध्यम से ‘‘पहलकदमी’’ को बेचकर सस्ता प्रचार कर किसान समुदाय के साथ विश्वासघात किया है।

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