अब तक लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं हेतु बायोमेट्रिक सत्यापन, 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई
लगभग 188 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधेतौर पर स्थानांतरित
चंडीगढ़, 13 अप्रैल 2026
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026 – 27 के अंतर्गत प्रदेश भर की मंडियों और खरीद केंद्रों में सफलतापूर्वक सरसों और गेहूं की खरीद की जा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष रबी खरीद 2026 – 27 के दौरान 12 अप्रैल तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं हेतु बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है। 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधेतौर पर स्थानांतरित हो चुकी है।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में रबी खरीद सीजन 2026 – 27 के दौरान सरसों की खरीद 28 मार्च 2026 एवं गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से आरम्भ हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा सरसों एवं गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः 6200 और 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य में सरसों की खरीद के लिए 112 मंडियों/खरीद केंद्र खोले गए हैं तथा गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियां एवं खरीद केंद्र के अलावा 264 अतिरिक्त खरीद स्थल भी खोले गए हैं। राज्य में सरसों की खरीद हैफेड एवं गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को ओर अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शिता बढ़ाने हेतु नए प्रावधान किये गए हैं जैसे कि किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन, वाहन का रजिस्ट्रशन नंबर, मंडियों/खरीद केंद्रों की जियो फेंसिंग, कैमरे इत्यादि। राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष रबी खरीद सीजन 2025 – 2026 के दौरान 12 अप्रैल 2025 तक राज्य भर की मंडियों में लगभग 20.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी और लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी और 174.39 करोड़ राशि का भुगतान किसानों की किया गया था।
सरकार द्वारा राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु 1281 मशीनें, 407 आँख की पुतली से पहचान (Iris Scanning devices) मशीनें स्थापित की गई हैं। इसके अलावा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर पंजीकृत किसान स्वयं अथवा उस द्वारा मनोनीत प्रतिनिधियों में से कोई भी एक व्यक्ति, मंडी में आने के उपरांत अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करते हुए फसल बेच सकता है।
उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 2500 और 114 तकनीकी स्टाफ नियुक्त किया गया है। राज्य की मंडियों में लगभग 932 कैमरे स्थापित किये गए हैं जिससे मंडियों की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद हेतु पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं और राज्य के किसानों को अपनी उपज की बिक्री करने में परेशानी नहीं आने नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से उनका एक – एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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