दिल्ली, 20 DEC 2023
सरकार ने 15 फरवरी, 2023 को देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और देश की सहकारिता के दायरे से बाहर की पंचायतों/गांवों में नए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों या प्राथमिक डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना करके मैदानी स्तर तक इसकी पहुंच को सघन करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह कार्य अगले पांच वर्षों में किया जाएगा। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कदम उठाए गए हैं, जिनमें मत्स्य विभाग की इन परियोजनाओं को शामिल किया गया है-
- प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई)- पीएमएमएसवाई का उद्देश्य मछली उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, मत्स्य उत्पादन के बाद की अवसंरचना और प्रबंधन, आधुनिकीकरण और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण अंतराल को संबोधित करना है। योजना के तहत, लाभार्थी कुल परियोजना लागत/इकाई लागत का 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं।
- मत्स्य पालन और जलीय कृषि बुनियादी ढांचा विकास निधि (एफआईडीएफ)- एफआईडीएफ का लक्ष्य समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन क्षेत्र, दोनों में ढांचागत सुविधाएं तैयार करना है। इस योजना में आइस-प्लांट का निर्माण, कोल्ड स्टोरेज का विकास, मछली परिवहन और कोल्ड चेन नेटवर्क बुनियादी ढांचे, ब्रूड बैंकों की स्थापना, हैचरी, मछली प्रसंस्करण इकाइयों, मछली चारा मिलों/संयंत्रों का विकास और आधुनिक मछली बाजारों का विकास शामिल है। एफआईडीएफ के तहत परियोजनाएं उपर्युक्त ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की ब्याज छूट के लिए पात्र हैं।
मत्स्य पालन सहकारी समितियों सहित नई प्राथमिक सहकारी समितियों की स्थापना की यह योजना एनसीडीसी द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), राष्ट्रीय स्तर के सहकारी संघ और राज्य सरकारों के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
यह योजना मछली उत्पादन में लगे सीमांत मछुआरों सहित छोटे और सीमांत किसानों को अपेक्षित फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज, कौशल विकास, प्रसंस्करण और कोल्ड चेन बुनियादी ढांचा सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे वे अपनी आय बढ़ाने में सक्षम होंगे। समग्रता संबंधी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करके, सीमांत मछुआरे विभिन्न मत्स्य पालन और जलीय कृषि से संबंधित बुनियादी सुविधाओं का आधुनिकीकरण/उन्नयन और स्थापना करने में सक्षम होंगे, जिससे उन्हें अपनी उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बताया।

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