चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी के लिए विशेष प्रबंध किए गए। इसके लिए जिलो में आवश्यक मशीनरी जैसे पंप, मोटर एचडीपीई पाईप इत्यादि की व्यवस्था की गई। इसी कड़ी में झज्जर, रोहतक और चरखी दादरी जिलों में जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2021 के दौरान, चरखी दादरी जिले में 13000 एकड़ भूमि जलमग्न थी, जबकि वर्ष 2022 में यह केवल 2000 एकड़ रह गई। इसी प्रकार, रोहतक और झज्जर जिलों में भी न केवल जलभराव वाले क्षेत्रों में उल्लेखनीय कमी आई है बल्कि बाढ़ की स्थिति भी नियंत्रण में रही।
इंजीनियर-इन-चीफ/लिफ्ट कैनाल यूनिट, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, डॉ सतबीर सिंह कादियान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व और उनके निर्देशानुसार जलभराव के नियंत्रण के लिए योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के फलस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में बाढ़ क्षेत्रों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त जिलों के निचले इलाकों में जून और जुलाई 2022 के महीने में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी। इससे पहले, मानसून के के दौरान भी यह क्षेत्र जल जलमग्न थे। इस वर्ष हरियाणा राज्य सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में विभिन्न बाढ़ योजनाओं को समय पर लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
डॉ सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने भी चरखी दादरी, झज्जर और रोहतक जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पानी की निकासी की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए।

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