शिरोमणी अकाली दल ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में एस.आई.टी के आरोप पत्र को अभियोजन नही उत्पीड़न करार दिया

SAD
SAD terms SIT charge sheet in Kotkapura firing case as persecution and not prosecution.
(पार्टी  ने  मनगढ़ंत  चार्जशीट को कानूनी रूप से और साथ ही लोगों की अदालत में चुनौती देने की घोषणा की)
अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि चार्जशीट आप पार्टी की सरकार द्वारा नाकामियों से ध्यान हटाने का प्रयास  है

 

चंडीगढ़ 25 फरवरी 2023
शिरोमणी अकाली दल ने आज अपने अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ 2015 के कोटकपुरा फायरिंग मामले में दायर चार्जशीट को अभियोजन नही बल्कि उत्पीड़न करार दिया, और कहा कि इस सोची समझी साजिश का मुकाबला  कानूनी रूप से और साथ ही लोगों की अदालत में चुनौती देने की घोषणा की है।

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अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस संवेदनशील मुददे पर राजनीति न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि आप पार्टी की सरकार सभी मोर्चों पर अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए बदले की भावना से चार्जशीट दायर की है। उन्होने कहा, ‘‘ अकाली दल अदालत की अवमानना का मामला दर्ज करने सहित सभी विकल्पों का पता लगाएगा, क्योंकि पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट को रदद करने के उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। उन्होने कहा कि सरदार सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ कोइ भी मामला नही बनता, क्योंकि वे राज्य से बाहर थे और उन्हे किसी भी तरह से मास्टरमाइंड नही कहा जा सकता, जैसा कि चार्जशीट में किया गया है’’। पार्टी ने जोर देकर कहा कि एसआईटी प्रमुख लालकृष्ण यादव और अन्य अधिकारियों ने अपने आकाओं के राजनीतिक निर्देश को पूरा करने के लिए पक्षपातपूण तरीके से काम किया है।

अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, स. महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने यह कहकर पहले ही अपनी मंशा पर पानी फेर दिया है,‘‘ विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने एक सार्वजनिक घोषणा की  थी कि श्री एलके यादव के नेतृत्व में एसआईटी 28 फरवरी से पहले चालान दाखिल करेगी। उन्होने खुलासा किया कि कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बहबलकलां में प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि सरदार सुखबीर सिंह बादल का नाम एसआईटी द्वारा दायर चालान में शामिल किया जाएगा। उन्होने बताया कि आप पार्टी के नेताओं ने ये घोषणाएं इस तथ्य के बावजूद की कि उच्च न्यायालय ने एसआईटी को सीलबंद लिफाफे में अदालत में अपना चालान पेश करने का निर्देश दिया था। उन्होने बताया कि आप पार्टी की सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि सीलबंद रिपोर्ट आप नेतृत्व को क्यों उपलब्ध कराई गई और कैसे मीडिया में भी लीक हो गई?

वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट की सामग्री को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया। इस घटनाक्रमों को पंजाबियों को गुमराह करने के लिए यह जानबूझकर किया गया प्रयास बताया और ध्यान भटकाने वाली रणनीति करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को  सत्ता के इस दुरूपयोग के लिए जवाब देना होगा।

अकाली नेताओं ने कहा कि अब बहुत हो गया अब शिरोमणी अकाली दल अब चुप नही बैठेगा और आप को पार्टी को बदनाम करने की इजाजत नही देगा। उन्होने कहा, ‘‘ पार्टी इस बदनाम करने वाली कवायद को आगे बढ़कर रोकेगी और इस भ्रष्ट सरकार को बेनकाब करेगी जो अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला होने के मामले में राज्य की मशीनरी के पूरी तरह से  चरमराने सहित कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है’’। अकाली नेताओं ने कहा कि  सरकार  राज्यपाल के साथ झड़प होने के कारण राज्य में पैदा हुए संवैधानिक संकट से भी  ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।